एयरटेल में टाटा टेली का हुआ विलय

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नॉर्वे की कंपनी टेलीनॉर के भारतीय कारोबार को लगभग मुफ्त में हासिल करने के बाद भारती एयरटेल ने टाटा टेलीसर्विसेज का भी अधिग्रहण कर लिया है। एयरटेल का यह कदम वित्तीय दबाव से जूझते घरेलू दूरंसचार क्षेत्र के एकीकरण की दिशा नई कारवाई माना जा रहा है।
सुनील भारती मित्तल की कंपनी एयरटेल को इस सौदे से नकदी-रहित और कर्ज मुक्त 71 मेगाहट्र्ज से अधिक उदार स्पेक्ट्रम हासिल होगा और साथ ही उसके खाते में 4 करोड़ ग्राहक भी जुड़ेंगे। इस सौदे के बाद भी टाटा समूह अपने दूरसंचार कारोबार को बंद नहीं करेगी और हजारों नौकरियों के जाने का खतरा भी नहीं रहेगा। टाटा ने 149 साल के इतिहास में कभी भी अपना कोई कारोबार बंद नहीं किया है।
इस विलय को टाटा के लिए अपनी छवि बचाने के एक मौके के तौर पर भी देखा जा रहा है। टाटा के वायरलेस कारोबार के अधिग्रहण के साथ ही एयरटेल को एक कर्ज-मुक्त कंपनी मिलेगी और उसके ग्राहकों की संख्या बढ़कर करीब 32.1 करोड़ हो जाएगी। देश की दूसरी बड़ी दूरंसचार कंपनी वोडाफोन 20.8 करोड़ ग्राहकों के साथ एयरटेल से काफी पीछे छूट जाएगी। हालांकि भविष्य में वोडाफोन और आइडिया के विलय के बाद उसके ग्राहकों की संख्या एयरटेल को पार कर सकती है। इस साल अगस्त तक आइडिया के पास 19.1 करोड़ ग्राहक थे। दूरसंचार क्षेत्र में एकीकरण की प्रक्रिया नई कंपनी रिलायंस जियो द्वारा प्रतिस्पर्धी शुल्क दरों को पेश करने का नतीजा है। जियो ने महज एक साल में ही 12.8 करोड़ ग्राहक बना लिए हैं।
वर्तमान सौदे से एयरटेल को 850, 1800 और 2100 मेगाहट्र्ज बैंड पर 178.5 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम (इनमें से 71.2 मेगाहट्र्ज उदार स्पेक्ट्रम श्रेणी के हैं) मिलेंगे और टाटा के मौजूदा फाइबर नेटवर्क के इस्तेमाल का भी अधिकार हासिल होगा। टाटा टेलीसर्विसेज को 34,000 करोड़ रुपये के संचयी कर्ज का भुगतान करना होगा। दोनों कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि पिछला सभी बकाये और देनदारियों का वहन टाटा की ओर से किया जाएगा।
हाँलाकि सूत्रों के मुताबिक स्पेक्ट्रम के विलंबित भुगतान की कुल रकम करीब दस हजार करोड़ रुपये में से करीब 1,500 करोड़ रुपये एयरटेल अपने जिम्मे ले सकती है। शेष 8,500 करोड़ रुपये का भुगतान टाटा की ओर से ही किया जाएगा। इस सौदे से टाटा टेली के 5,500 कर्मचारियों को नौकरी नहीं गंवानी होगी जबकि कंपनी के बंद होने की चर्चा से उन पर संकट की तलवार लटक रही थी।


भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने कहा कि भारत के दूरसंचार उद्योग में एकीकरण की दिशा में यह एक महत्त्वपूर्ण कदम है और यह भारत में डिजिटल क्रांति का नेतृत्व करने की हमारी प्रतिबद्घता को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित अधिग्रहण पूरा होने से कई प्रमुख सर्किलों में एयरटेल की स्थिति और सुदृढ़ होगी।
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि हमारा मानना है कि आज का यह समझौता टाटा समूह और इसके शेयरधारकों के लिए सबसे उपयुक्त और बेहतरीन समाधान है। हमारे पुराने ग्राहकों और कर्मचारियों के लिए सही जगह की तलाश करना हमारे लिए पहली प्राथमिकता रही है। हमने तमाम विकल्पों का आकलन किया और भारती के साथ इस समझौते से खुश हैं।
भारती एयरटेल और टाटा टेलीसर्विसेज तथा टाटा टेलीसर्विसेज महाराष्ट्र के उपभोक्ता मोबाइल कारोबार (CMB) को एकीकृत करने के लिए सहमति जताई है। इस सौदे के तहत एयरटेल देश के 19 दूरसंचार सर्किल में टाटा समूह के उपभोक्ता मोबाइल कारोबार का अधिग्रहण करेगी। गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड इस समझौते के लिए टाटा समूह का वित्तीय सलाहकार है।
प्रस्तावित विलय में टाटा CMB के सभी ग्राहक एवं परिसंपत्तियों का एयरटेल में स्थानांतरण भी शामिल है। कंपनी के एक बयान में कहा गया है कि इससे एयरटेल को 178.5 मेगाहट्ïर्ज स्पेक्ट्रम हासिल होने के साथ ही स्पेक्ट्रम के लिहाज से उसकी स्थिति काफी मजबूत होगी। दोनों कंपनियों ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि टाटा और एयरटेल आगे आपसी सहयोग के अन्य क्षेत्रों में सभावनाएं तलाशने के लिए साथ मिलकर काम करेंगी जो मूल्य के लिहाज से दोनों समूहों के लिए बेहतर हों। टाटा के कर्मचारियों को दो कारोबारी लाइन यानी सीएमबी और ईएफएल (एंटरप्राइज ऐंड फिक्स्ड लाइन एवं ब्रॉडबैंड) के लिहाज से अलग किया जाएगा। उसके बाद एक उपयुक्त श्रमशक्ति योजना के तहत उन्हें एयरटेल में शामिल किया जाएगा।
टाटा समूह टाटा कम्युनिकेशंस के साथ अपने एंटरप्राइज कारोबार एवं खुदरा फिक्स्ड लाइन और टाटा स्काई के साथ ब्रॉडबैंड कारोबार को एकीकृत करने की संभावनाएं तलाशने के भी आरंभिक चरण में है। हालांकि इस प्रकार के किसी भी लेनदेन के लिए संबंधित कंपनियों के बोर्ड और अन्य नियामकों से मंजूरी लेनी होगी। टावर कंपनी व्योम में टाटा अपनी हिस्सेदारी बरकरार रखेगी और उसके साथ उसकी देनदारियां भी बरकरार रहेंगी। टाटा संस, टीटीएसएल और टीटीएमएल के बोर्ड ने इस लेनदेन को मंजूरी दे दी है।

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