एम्स ने लालू यादव को वापस रिम्स भेजा, राहुल गांधी ने की मुलाकात, समर्थकों ने एम्स में किया हंगामा

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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद अध्यक्ष लालू यादव को एम्स प्रशासन ने रिम्स रांची वापस कर दिया है. लालू यादव ने रांची वापस जाने से इनकार किया है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज ही एम्स जाकर उनसे मुलाकात की थी. गुस्साए लालू समर्थकों ने एम्स में जमकर हंगामा किया.
ऑल इंडिया इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (दिल्ली) ने अपने स्टेटमेंट में कहा है कि श्री यादव को राजेंद्र इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रांची) ने पिछले महीने त्वरित इलाज के लिए हमारे पास रेफर किया था. लालू यादव के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ. वो पूरी तरह ठीक हो चुके हैं और यात्रा के लिए भी पूरी तरह फिट हैं. उन्हें फिर से रिम्स वापस रेफर किया जा रहा है.
लालू यादव ने रांची वापस जाने से इनकार करते हुए कहा है कि वो फिलहाल पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हुए हैं. उन्हें पिछले महीने 29 मार्च को किडनी में इन्फेक्शन की वजह से एम्स में भर्ती कराया गया था. उन्हें इसके अलावा शूगर, बीपी और हार्ट प्रॉब्लम भी है. लालू यादव को एम्स अस्पताल से नई दिल्ली स्टेशन ले जाया गया, जहां से राजधानी एक्सप्रेस के फर्स्ट क्लास कोच में रिजर्वेशन कराकर उन्हें रांची भेजा जा रहा है.
ज्ञात है कि आज ही सुबह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एम्स जाकर चारा घोटाले के तीन मामलों में सजा काट रहे लालू यादव से मुलाकात की थी. सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं के मुलाकात की शेयर की गई तस्वीर में दिख रहा है कि लालू यादव हरे रंग का कुर्ता और सफेद पायजामा पहने हुए एक बड़े सोफा पर बैठे हैं, जबकि राहुल गांधी उनके सामने सिंगल सीटेड सोफा पर बैठे हैं. राजद ने ट्वीट किया है- “कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जी ने आज सुबह नई दिल्ली में एम्स में जाकर राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद जी से मुलाकात की और उनके गिरते स्वास्थ्य पर पूछताछ की.”
बताया जाता है कि लालू यादव को पता चल चुका था कि एम्स प्रशासन उन्हें रिलीव कर वापस रिम्स भेज रहा है. इस वजह से वो सुबह ही तैयार हो गए थे. राहुल गांधी भी अंतिम घड़ी में लालू यादव से मिलने पहुंचे. इससे पहले जब उनके बड़े बेटे तेज प्रताप और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा उनसे मिलने पहुंचे थे तब लालू यादव टी-शर्ट और लुंगी में थे.

लालू यादव ने एम्स अस्पताल प्रशासन को चिट्ठी (लालूजी का हस्ताक्षर 29 अप्रैल को) लिखकर उन्हें शिफ्ट नहीं करने के लिए कहा था. एम्स प्रशासन को बीमारियों का हवाला देते हुए कहा कि एम्स प्रशासन ऐजेंसी या राजनीतिक दबाव में आकर निर्णय न लें. रिम्स में किडनी इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं है. रिम्स भेजे जाने के बाद मेरे जीवन पर कोई खतर पैदा होता है तो इसकी पूरी जवाबदेही एम्स की होगी.
एम्स अस्पताल से निकलते हुए लालू यादव ने बयान दिया है कि उन्हें अगर कुछ भी होगा तो इसके लिए एम्स जिम्मेदार होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें राजनीतिक दबाव और साजिश के तहत उन्हें रिम्स शिफ्ट किया जा रहा है. साजिश के तहत मेरे स्वास्थ्य के साथ लापरवाही बरती जा रही है.
लालू प्रसाद नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक पुलिसकर्मी पर भड़क गए क्योंकि एसपी के आदेश पर पुलिसकर्मी उन्हें पीछे हटने के लिए कह रहा था. लालू यादव ने पुलिसकर्मी को डांटते हुए कहा कि- “मैं एसपी के कहने पर पीछे क्यों हटूं, क्या एसपी मेरा बॉस है?”
लालू प्रसाद को पूरी तरह से फिट बताकर रिम्स भेजे जाने से गुस्साए लालू समर्थकों ने एम्स में जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की. उग्र भीड़ ने अस्पताल के एक वार्ड में घुसकर भी तोड़- फोड़ की. लालू समर्थक एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया को घेरने की भी कोशिश कर रहे थे, लेकिन अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों ने समय रहते उन्हें वहां से निकाल दिया.
एम्स के एक प्रवक्ता ने कहा कि उनकी सेहत में बहुत सुधार हुआ है और उनके इलाज के लिए गठित मेडिकल बोर्ड की सलाह पर ही उन्हें लंबे समय तक चलने वाले इलाज के लिए रिम्स वापस भेजा जा गया है.
बिहार में विपक्ष के नेता और लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक दुर्भावनावश और राजनीतिक दबाव में लालू जी को एम्स से रिम्स भेजने का फैसला लिया गया है. तेजस्वी ने कहा कि एम्स प्रबंधन इस बात को बेहतर तरीके से समझता और जानता है कि आनन-फानन में क्यों यह फैसला लेना पड़ा है. उन्होंने कहा कि केवल एम्स प्रबंधन ही इसकी सही वजह बता सकता है.
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने लालू यादव और राहुल गांधी की फोटो शेयर करते हुए ट्वीट किया-‘एक बेल पे, एक जेल में. फिर भी इनकी हिम्मत है, जो कहते हैं हम डटे हैं. जंगे भ्रष्टाचार के खेल में.’ नेशनल हेराल्ड केस के एक आरोपी राहुल गांधी अभी जमानत पर हैं.
जनता दल यू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस मामले में कहा कि राजकोष के खजाने की लूट के आरोपी सजायाफ्ता लालू प्रसाद यादव न्यायपालिका के आदेश से देश के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान एम्स में इलाज करा रहे थे. जहाँ डॉक्टरों ने सत्यापित किया होगा कि इनको अब यहाँ इलाज की जरूरत नहीं है, तब राजद के लोग सवाल उठा रहे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आप चरवाहा विद्यालय के जनक हैं, बांझ क्या जाने प्रसव की पीड़ा. एम्स के स्वामित्व और गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहे हैं. जैसी करनी, वैसी भरनी. आपने जो किया है, उसको भोग रहे हैं. न्यायपालिका के आदेश पर एम्स गए थे और अब दोबारा वापस होटवार जेल की शोभा बढ़ाइए.


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