एमजे अकबर का क्या होगा ?

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‘मी टू’ अभियान के चलते कई महिलाओं की ओर से यौन उत्पीड़न के आरोप लगने के बाद विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर मुश्किल में पड़ते नजर आ रहे हैं. भारत में जारी इस अभियान के जद में बड़े-बड़े नाम सामने आ रहे हैं.
अपने समय के मशहूर संपादक व वर्तमान में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर कई महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. जिसे लेकर मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है. कांग्रेस एमजे अकबर के इस्तीफे की मांग कर रही है. विदेश मंत्री सुषमा स्वाराज सहित किसी भी केंद्रीय मंत्री का इस बारे में बयान नहीं आने के बीच केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि जिन महिलाओं ने आवाज उठाई है, उन्हें न्याय मिलेगा और यह उनका हक है.


स्मृति ईरानी ने कहा कि इस मुद्दे पर संबंधित व्यक्ति का ख़ुद बोलना ही बेहतर होगा, उन्हें खुद बयान जारी करना चाहिए. उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए अपनी बात रखना काफी मुश्किल होता है, अपनी बात रखने वालों का मज़ाक न उड़ाएं. न्याय पाने के कई तरीके मौजूद हैं, महिलाएं काम पर इसलिए नहीं जाती हैं कि वहां उनका उत्पीड़न हो, बल्कि वे अपने सपनों के साथ सम्मानजनक जीवन जीने के लिए काम पर जाती हैं. मुझे उम्मीद है कि जिन महिलाओं ने आवाज उठाई है उन्हें न्याय मिलेगा और यह उनका हक है. अपनी महिला सहकर्मियों के साथ खड़ा रहने के लिए उन्होंने मीडिया की भी सराहना की.
सरकार और पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों के बीच इस मसले पर गम्भीर विचार चल रहा है. बताया जाता है कि किसी निर्णय के पूर्व उनकी सफाई महत्वपूर्ण होगी. सूत्रों के अनुसार काफी सोच विचार के बाद मसले पर निर्णय होगा क्योंकि मामला महिला सुरक्षा से जुड़ा है, जो PM के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है. हाँलाकि PM अपनी टीम पर पूरा भरोसा करते हैं. परन्तु जब भी महिलाओं और उनकी सुरक्षा से जुड़ा मसला होता है तो भाजपा अपनी छवि को लेकर काफी सजग रहती है.

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