एचडी देवेगौड़ा सर्वाधिक सम्मानित और कद्दावर नेताओं में से एक : मोदी

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कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए 12 मई को मतदान होगा और इस बीच चुनाव पूर्व आ रहे तमाम सर्वे इशारा कर रहे हैं कि वहाँ त्रिशंकु विधानसभा होगी. PM नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा को लुभाने की कोशिशें भी प्रारम्भ कर दी है.
कर्नाटक में किसी भी पार्टी को बहुमत मिलता नहीं दिखने के साथ- साथ लगातार चढ़ रहे सियासी पारे के बीच ही वहाँ सियासी समीकरण की कोशिशें भी अभी से प्रारम्भ हो गए हैं. पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पार्टी जेडीएस के ‘किंगमेकर’ की भूमिका में रहने की संभावना बन रही है. हालांकि भाजपा और उसके घोषित मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा का मानना है कि उनकी पार्टी पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक चुनावी रैली में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा को लुभाने की कोशिश में देवेगौड़ा की तारीफ के पुल बांधते हुए कहा कि वे सर्वाधिक सम्मानित और कद्दावर नेताओं में से एक हैं. उनके लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है. PM ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने 15-20 दिन पहले राजनीतिक रैली में जो कहा, वह मैंने सुना. जिस तरह से उन्होंने देवेगौड़ा जी के बारे में बात की. क्या यही आपके संस्कार हैं? यह तो अहंकार है. देवेगौड़ा जी देश के कद्दावर नेताओं में से एक हैं और आप उनका अपमान कर रहे हैं. राहुल ने अपने संबोधन में देवेगौड़ा पर हमला बोलते हुए उनकी पार्टी को भाजपा की ‘बी टीम’ बताया था.
प्रधानमंत्री ने कहा कि आपको क्या लगता है? यदि उनका मिजाज इस तरह का है, अहंकार सातवें आसमान पर पहुंच गया है. कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में आपका जीवन तो अभी शुरू ही हुआ है. अगर वह अभी से ऐसा कर रहे हैं तो आने वाले दिन कितने बुरे होंगे यह आपको उनकी हरकतों से पता चल जाएगा. ऐसे अहंकारी नेताओं के साथ कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र के लिए एक ‘बड़ा खतरा’ है.


मोदी ने कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, किंतु सार्वजनिक जीवन में मर्यादा होती है. प्रत्येक व्यक्ति का अपना अहं हो सकता है किंतु सामाजिक जीवन में कुछ मूल्य होते हैं. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री की सराहना करते हुए उन को ‘माटी का लाल और किसान का बेटा बताया.
विधानसभा चुनाव में खंडित जनादेश आने के अनुमान के बीच प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी काफी महत्वूपर्ण मानी जा रही है. क्योंकि किसी भी पार्टी को अकेले अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं होने पर सरकार गठन में जेडीएस की ही भूमिका होगी.
जेडीएस राज्य इकाई के प्रमुख एचडी कुमारस्वामी पहले ही दावा कर चुके हैं कि चुनाव के बाद वह ‘किंगमेकर’ नहीं बल्कि ‘किंग’ होंगे. उधर कांग्रेस के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दावा किया था कि कुमारस्वामी ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी. उनका आरोप है कि भाजपा और जेडीएस के बीच रणनीतिक सहमति है.
पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस प्रमुख एच.डी. देवगौड़ा ने कहा है कि अगर कर्नाटक में किसी एक पार्टी को बहुमत नहीं मिलता है तो जेडीएस किसी कीमत पर बीजेपी को समर्थन नहीं देगी. देवगौड़ा ने कहा कि यदि नतीजे वैसे ही आते हैं जैसा कि ओपिनियन पोल में दिखाया जा रहा है तो भी वो भाजपा को समर्थन नहीं करेंगे.
देवगौड़ा ने कहा कि पूरे देश में मोदी लहर खत्म हो रही है. भाजपा ने शिवसेना जैसे सहयोगियों के साथ जो किया है, उससे साफ़ जाहिर होता है कि वे क्षेत्रीय दलों को इस्तेमाल करने के बाद छोड़ देते हैं और कांग्रेस में भी यही प्रवृत्ति है.
कर्नाटक में 15 मई को मतगणना होगी. अभी तक जो ज़मीनी ख़बरें आ रही हैं उसके अनुसर यहाँ चुनाव काफी दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है. इस चुनाव को इसलिए भी अहम् माना जा रहा है क्योंकि कर्नाटक दक्षिण भारत का एकमात्र राज्य है जहाँ कांग्रेस से मुख्य मुक़ाबले में भाजपा है.

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