ईमानदारी की जीत है GST, सफलता का क्रेडिट राज्यों को : मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 45वें मन की बात में GST के सफलता की चर्चा करते हुए इसका क्रेडिट राज्यों को दिया साथ ही PM ने भारत-अफगानिस्तान के बीच हुए ऐतिहासिक टेस्ट मैच को भी याद किया l
PM ने जीएसटी को ईमानदारी की जीत बताया। मन की बात कार्यक्रम में मोदी लोगों से विभिन्न मुद्दों पर बात करते हैं। साथ ही वे लोगों के सुझावों और उनके अनुभवों को भी शामिल करते हैं। उन्होंने कहा कि देश के कोने-कोने में महान हस्तियां हुई हैं। माना जाता था कि मगहर में जिसकी मृत्यु होती है वह स्वर्ग नहीं जाता, मगहर को अपवित्र माना जाता था। कबीर इसे नहीं मानते थे, ऐसी कुरीतियों को तोड़ने का कबीर ने काम किया। वे मगहर गए और वहीं शरीर त्यागा। उनकी रचनाओं में यही आदर्श देखने को मिलता है। उन्होंने सामाजिक समरसता पर काफी जोर दिया था। उन्होंने लिखा था- “जात न पूछो साधु की, पूछ लीजिए ज्ञान”। “कबीर का एक और दोहा है- “गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पांय”।
ऐसे ही एक जगतगुरु हैं गुरुनानक देव। गुरुनानक देव ने समाज में जातिगत भेदभाव खत्म करने और पूरी मानव जाति को गले लगाने की शिक्षा दी। वे कहते थे गरीब और जरूरतमंदों की सेवा ही भगवान की सेवा है। 2019 में उनका 550 वां प्रकाश वर्ष मनाया जाएगा। मेरी लोगों से अपील है कि इसे कैसे मनाया जाए, उस पर हम सोचें और तैयारियां करें। “गौरव के साथ इस प्रकाश पर्व को प्रेरणा पर्व बनाएं।”
PM ने कहा कि जीएसटी को एक साल पूरा होने वाला है। वन नेशन, वन टैक्स देश के लोगों का सपना था, वो आज हकीकत में बदल चुका है। ये कोऑपरेटिव फेडरलिज्म का अच्छा उदाहरण कहा जा सकता है। जीएसटी ईमानदारी की जीत है। अब रिफंड से लेकर रिटर्न तक सबकुछ ऑनलाइन हो रहा है। जीएसटी काउंसिल की अब तक 27 बैठक हो चुकी हैं। काउंसिल में कई विचारधाराओं के लोग हैं जो मिलजुलकर देश और लोगों के हित में फैसले लेते हैं।


PM ने कहा कि पहले जो किसान अपने खेतों में एक ही फसल पर निर्भर हुआ करते थे, उपज भी अच्छी नहीं होती थी और मुनाफ़ा भी ज़्यादा नहीं होता था। आज वे न केवल सब्जियां उगा रहे हैं और बल्कि अपनी सब्जियों की मार्केटिंग भी ट्रस्ट के माध्यम से कर अच्छे दाम पा रहे हैं। एक तरफ फसल के उत्पाद से लेकर के मार्केटिंग तक पूरी चेन में किसानों की एक प्रमुख भूमिका है तो दूसरी तरफ मुनाफे में किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास है। फसल अच्छी हो, उसके लिए अच्छे बीज हों, इसके लिए अलग सीड-बैंक बनाया गया है। बेंगलुरु में कॉरपोरेट, आईटी इंजीनियर्स ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए एक समृद्धि ट्रस्ट बनाया है। ये लोग किसानों से जुड़ते गए, योजनाएं बनाते गए और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सफल प्रयास करते रहे।
मोदी ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में मुझे वीडियो कॉल के माध्यम से सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से बात करने का अवसर मिला। फाइलों से परे जाकर लोगों के जीवन में जो बदलाव आ रहे हैं, उनके बारे में सीधा उन्हीं से जानने का अवसर मिला। दूर-सुदूर गांवों में बेटियां कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से गांवों के बुजुर्गों की पेंशन से लेकर पासपोर्ट बनवाने तक की सेवाएं दे रही हैं। छत्तीसगढ़ की एक बहन सीताफल इकट्ठा कर उसकी आइसक्रीम बनाकर व्यवसाय करती है। झारखंड में अंजन प्रकाश की तरह देश के लाखों युवा औषधि केंद्र चलाने के साथ-साथ आस-पास के गावों में जाकर सस्ती दवाइयां मुहैया करवा रहे हैं। पश्चिम बंगाल का नौजवान केवल अपना सफल व्यवसाय ही नहीं कर रहा बल्कि दस-पंद्रह और लोगों को नौकरी भी दे रहा है। तमिलनाडु, पंजाब, गोवा के स्कूली छात्र अपनी छोटी उम्र में स्कूल की लैब में वेस्ट मैनेजमेंट पर काम कर रहे है। यह बदलते हिंदुस्तान की पहचान है l

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