प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज विश्व भर में लोग समग्र स्वास्थ्य सेवा पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैंl इस दिशा में भारत जितना योगदान कर सकता था, अब तक कर नहीं पायाl उन्होंने कहा कि भारत में आयुर्वेदिक दवाओं का बड़ा सप्लायर बनने की क्षमता है, लेकिन हम उसका दोहन नहीं कर पा रहे हैंl
प्रधानमंत्री ने बुधवार को हरिद्वार में बाबा रामदेव के पतंजलि आयुर्वेद रिसर्च सेंटर का उद्घाटन करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बीमारियों के इलाज से ज्यादा जरूरी उनकी रोकथाम है। पूरी दुनिया योग की ओर आकर्षित हुई है और अब आयुर्वेद से जुड़ना चाहती है। स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण इस दिशा में गंभीर प्रयास कर रहे हैं।
इसके पूर्व पतंजलि योगपीठ पहुंचने पर प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। जहाँ मोदी ने आयुर्वेद एनसाइक्लोपीडिया ग्रंथ का विमोचन भी किया। इस अवसर पर बाबा रामदेव ने कहा कि पतंजलि अगले पांच साल में पांच लाख लोगों को रोजगार देगा। पतंजलि परिवार की ओर से बाबा रामदेव ने नरेंद्र मोदी को राष्ट्रऋषि के रूप में सम्मानित किया। इस पर PM ने कहा कि आपने यह सम्मान देकर मेरी जिम्मेदारी और बढ़ा दी है।
PM ने पतंजलि में सम्मानित किए जाने पर पतंजलि का अंतःकरण से आभार व्यक्त करते हुए योगगुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण का भी आभार जतायाl मोदी ने कहा कि सम्मान मिलने का मतलब अपेक्षाएं होना हैं। उन्होंने कहा कि अपेक्षाओं का बड़ा बक्सा सम्मान के साथ बाबा जी ने रख दिया है। जनता का आशीर्वाद सबसे बड़ी ऊर्जा का स्रोत है। खुद से ज्यादा जनता के आशीर्वाद पर विश्वास है। यहां पहली बार नहीं आया हूं। आपके बीच परिवार के सदस्य के रूप में आने का कई बार सौभाग्य मिला। बालकृष्ण की जड़ी-बूटी शरीर को स्वस्थ रखने के काम आती है। जबकि बाबा रामदेव की जड़ी-बूटी संकटों को पार करने के काम आती है।
PM ने कहा आज़ादी का बड़ा कालखंड श्रेष्ठताओं को भुलाने के लिए लगाया गया। उन्होंने कहा कि हजारों वर्ष पहले भारत जिन ऊंचाइयों पर था, एक बार फिर उसी ऊंचाई को हासिल करने की जरूरत हैl हमारे ऋषि-मुनियों ने नये-नये खोज के जरिये अपने ज्ञान का लोहा मनवायाl उन्होंने मानव जाति के कल्याण के लिए समयानुकूल चीजों की खोज कीl आधुनिक भारत में अनुसंधान और नवोन्मेष के प्रति हमारी उदासीनता के कारण हम विश्व में अपना प्रभाव पैदा नहीं कर सकेl
PM ने बाबा रामदेव के योग को आंदोलन बनाने पर आभार जताते हुए कहा कि घर-घर तक हर जगह योग करने के लिए जनता को प्रेरित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व भर में वे जहां भी जाते हैं, लोग विकास और निवेश से जुड़ी बातें तो करते ही हैं, योग संबंधी सवाल भी जरूर पूछते हैंl 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हर देश इस आंदोलन से जुड़ना चाहता हैl
उन्होंने कहा कि बाबा आज ऋषि मुनियों की सौगात को देश दुनिया को बांटने निकले हैं। आने वाली पीढ़ी स्वच्छता के प्रति अधिक जागरूक हो रही है। छोटे-छोटे बच्चे अब मेरे स्वछता अभियान के सिपाही बन गए हैं। गंदगी कोई और नहीं हम करते हैं। अगर एक बार गंदगी न करने का हम देशवासी फैसला कर लें तो देह में तंदुरुस्ती आएगी। अब जो श्रेष्ठ है, उसे नहीं भुलाया जाएगा। वो देश की आन, बान और शान हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्षों बाद सूचना तकनीक का दौर आया, जब हमारे युवाओं ने अपनी मेधा का लोहा मनवायाl 17-18 साल के युवाओं ने कम्प्यूटर के माउस के साथ खेलना शुरू किया और इस क्षेत्र में अन्य देशों से बहुत आगे निकल गयेl आईटी ने दुनिया को प्रभावित किया। नौजवानों ने अपने अनुसंधानों से दुनिया का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने आयुर्वेद का बड़ा नुकसान किया हैl आयुर्वेद को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़ दिया गया होता, तो मानव की बहुत बड़ी सेवा हुई होती, ऐसा न करके आयुर्वेद और एलोपैथ के बीच एक जंग छिड़ गयी कि हम बड़े, तो हम बड़ेl प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि योग गुरु रामदेव पतंजलि के जरिये आयुर्वेद का महिमामंडन ही नहीं करेंगे, बल्कि मेडिकल साइंस की भाषा में इसे अपनाने के लिए दुनिया को प्रेरित करेंगेl उन्होंने कहा कि पतंजलि का अनुसंधान केंद्र किसी अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र से किसी भी रूप में कम नहीं हैl
प्रधानंत्री ने कहा कि वर्षों पहले आयुर्वेद को लोकप्रिय बनाने के लिए सरकार ने एक कमीशन का गठन कियाl कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आयुर्वेद लोगों तक नहीं पहुंच रहा, क्योंकि उसकी पद्धति आज के समय के अनुरूप नहीं हैl दवा लेने की जो पद्धति है, वही इसे लोगों से दूर रखे हुए हैl इसमें कहा गया था कि आयुर्वेदिक दवाओं की यदि मॉडर्न पैकेजिंग कर दी जाये, तो लोग इसे जरूर अपनायेंगेl प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा रामदेव अपने काम के जरिये लगातार देश सेवा कर रहे हैं और पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट इस काम को आगे बढ़ायेगाl
देश का सबसे बड़ा पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट दस एकड़ में फैला हैl इंस्टीट्यूट को बनाने में 200 करोड़ रुपये की लागत आयी हैl संस्थान में 200 वैज्ञानिक अलग-अलग जड़ी बूटियों पर रिसर्च करेंगेl आयुर्वेद रिसर्च इंस्टीट्यूट में इसके साथ ही बाबा रामदेव ने एक हर्बल गार्डन भी तैयार किया हैl एक दिन पूर्व मंगलवार को ही बाबा रामदेव ने कहा था कि पतंजलि ने बीते 4 साल में लगातार 100 प्रतिशत का ग्रोथ किया है जिससे हमारा मनोबल बढ़ा हैl पतंजलि ने 2020 तक अपने उत्पादन को 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है, जिसे प्राप्त करने के लिए हर मुमकिन कोशिश की जा रही हैl

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