इमरान का शपथ ग्रहण: पाक आर्मी चीफ से गले मिले सिद्धू, कहा- जनरल बाजवा शांति चाहते हैं

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इमरान खान ने शनिवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। पंजाब सरकार में मंत्री और कांग्रेस विधायक नवजोत सिंह सिद्धू इमरान के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे थे। समारोह से पहले नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा से गले मिले।
सिद्धू ने पाक मीडिया से बातचीत में कहा, “मैं राजनेता नहीं, दोस्त बनकर यहां आया। मैं मोहब्बत का पैगाम लेकर हिंदुस्तान से यहां आया। जितनी मोहब्बत मैं लेकर आया था, उससे 100 गुना ज्यादा वापस लेकर जा रहा हूं। जो वापस आया वो सूद समेत है। मुझे जो एक दिन में मिला, वो पूरी जिंदगी नहीं मिलता। जनरल बाजवा ने मुझे गले लगाया और कहा कि हम शांति चाहते हैं। बाजवा ने मुझसे कहा कि हम गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के मौके पर करतारपुर गुरुद्वारे की तरफ जाने वाला रास्ता खोलने पर विचार कर रहे हैं। यह मेरा फर्ज है कि मैं देश वापस जाकर सरकार से एक कदम बढ़ाने को कहूं। अगर हम एक कदम आगे बढ़ाएंगे तो यहां के लोग दो कदम आगे बढ़ाएंगे।”
भाजपा ने उठाए सवाल: भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सिद्धू के इस दौरे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “सिद्धू को पहले पीओके के कथित राष्ट्रपति मसूद खान से अलग बैठाया गया था। लेकिन बाद में मसूद खान को आगे बैठाया गया। सिद्धू को इस पर आपत्ति दर्ज करानी चाहिए थी। उन्होंने ऐसा नहीं किया। वे पाक के सेना प्रमुख जनरल बाजवा से गले लगे। सब को पता है कि बाजवा भारत में होने वाली जवानों की शहादत के लिए जिम्मेदार हैं। यहां आतंकी हमलों में नागरिकों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं। क्या आप को ये याद नहीं आया? ये पहला मौका नहीं है जब कांग्रेस नेताओं ने ऐसे कदम उठाए हों। इससे पहले 2015 में सलमान खुर्शीद भी पाकिस्तान में एक सेमिनार में कहते हैं कि मोदी जी शांति नहीं चाहते। पाकिस्तान जो काम कर रहा है, उसके लिए बधाई देनी चाहिए। मणिशंकर अय्यर वहां कहते हैं कि मोदी को हटाने के लिए पाकिस्तान को मदद करनी चाहिए। आपकी पार्टी को भारत के सेना प्रमुख पर विश्वास नहीं होता लेकिन सिद्धू को बाजवा पर विश्वास हो जाता है। राहुल गांधी को इन पर जवाब देना चाहिए।”
सिद्धू शपथ ग्रहण समारोह में पहली कतार में बैठे थे। उनके पास पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के राष्ट्रपति (सदर) मसूद खान बैठे थे। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को भारत मान्यता नहीं देता। मसूद खान के साथ सिद्धू के बैठने पर जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने कहा, “वे जिम्मेदार व्यक्ति और मंत्री हैं। सिर्फ वे ही इसका जवाब दे सकते हैं, लेकिन उन्हें इससे बचना चाहिए था।”

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