आतंकियों की पनाहगाह खत्म करे पाकिस्तान, वरना लेंगे एक्शन

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भारत और अमेरिका ने पाकिस्तान से स्पष्ट कहा है कि वह अपने जमीन पर सक्रिय आतंकवादी ढांचे को नष्ट करे। दोनों ही देश अब पाकिस्तान के भीतर आतंकवादियों की पनाहगाह को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने दिल्ली में कहा कि पाकिस्तान शांति और सुरक्षा के लिए आतंकवादी समूहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे।
सुषमा स्वराज के साथ संयुक्तरूप से संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए टिलरसन ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तानी नेतृत्व से कहा है कि वह आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करे, क्योंकि उनकी क्षमता में इजाफा इस्लामाबाद में सरकार के लिए भी खतरा बन सकता है। टिलरसन ने कहा कि आतंकवाद की पनाहगाह बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे, पाकिस्तान आतकंवादी अवसंरचनाओं को नष्ट करे।
सुषमा स्वराज ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवादी समूहों की सहायता करने वाले देशों को जवाबदेह ठहराया जाए। सुषमा और टिलरसन ने दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने और व्यापार संबंधों में बेहतरी सहित विभिन्न विषयों पर बातचीत की। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि ट्रंप प्रशासन भारत की सेना के आधुनिकीकरण के लिए सर्वोत्तम प्रौद्योगिकी मुहैया कराने को तैयार है। अमेरिका भारत के साथ लड़ाकू विमानों एफ-16 और एफ18 के सौदों पर चर्चा को लेकर भी काफी उत्साहित है। टिलरसन ने कहा कि भारत अमेरिका-अफगानिस्तान नीति के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है, और वह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर उत्सुक हैं। सुषमा ने एच-1बी वीजा मुद्दे पर भी चर्चा की और कहा कि भारतीयों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली कार्रवाई ना की जाए।

माना जा रहा है कि आतंकवाद के पनाहगाह पाकिस्तान को आखिरी चेतावनी देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन को विशेष रूप से पाकिस्तान भेजा था। सूत्रों के अनुसार टिलरसन ने पाकिस्तान से सख्त लहजे में कहा कि वह बहाना बनाना बंद करे और आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करे, वरना अमेरिका खुद ही घुसकर आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। अमेरिकी विदेश मंत्री ने बताया कि उन्होंने पाकिस्तान को आतंकियों की लिस्ट भी दी है, ताकि वह इनके खिलाफ कार्रवाई कर सके। सूत्रों के अनुसार अमेरिका ने अपने मूल्यांकन में पाया है कि पाकिस्तान में आतंकियों के सुरक्षित पनाहगाह क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या है।
टिलरसन ने अफगानिस्तान में विकास परियोजनाओं के जरिए भारत की ओर से रचनात्मक भूमिका निभाने की सराहना करते हुए कहा कि हमें पाकिस्तान सरकार की स्थिरता व सुरक्षा की भी चिंता है और साथ ही यह चिंता भी है कि आतंकी संगठनों की संख्या बढ़ गई है, पाकिस्तान की सीमा के भीतर उनकी ताकत और क्षमता बढ़ गई है और इस सब से उसकी अपनी स्थिरता के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
पहली बार भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री टिलरसन ने बुधवार को अपनी समकक्ष के साथ द्विपक्षीय बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, इस बीच दोनों नेताओं ने जोर दिया कि भारत-अमेरिका भागीदारी सिर्फ आपसी फायदे के लिए ही नहीं है, बल्कि वैश्विक स्थिरता और क्षेत्र में सकारात्मक छाप छोड़ने के लिए भी है।
इसके पूर्व टिलरसन ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात के दौरान कहा कि पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया गया है। टिलरसन ने कहा कि अमेरिकी सरकार मानती है कि पाकिस्तान में आतंकियों के सुरक्षित ठिकाने असली समस्या है।

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