विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत नेता अशोक सिंघल के अस्थि विसर्जन स्थल को केंद्र सरकार पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेगी।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि इस स्थान को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि सिंघल जी की अस्थियां यहां विसर्जित की गई थी, ऐसे में हमेशा के लिए इसका विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि इस स्थान का खास महत्व है, क्योंकि चंद्रभागा नदी को गंगा के बाद सबसे पवित्र माना जाता है।

राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख सूत्रधारों में से एक सिंघल का 2015 में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद उनकी अस्थियों को लगभग छह महीने तक हिमाचल प्रदेश के एक मठ में रखा गया था। बाद में उनकी अस्थियों को पिछले साल जून में तांडी संगम (चंद्रभागा नदी) में विसर्जित कर दिया गया था।

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