अमेरिका ने मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के आतंकी संगठन जमात-उद- दावा और पाकिस्तानी में मौजूद अन्य आतंकी संगठन के नेतृत्व और उनके धन जुटाने के नेटवर्क को तबाह करने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।
इन प्रतिबंधों से जमात-उद-दावा, लश्कर-ए-ताइबा, तालिबान, जमात-उद-दावा अल कुरान, आईएसआई और आईएसआईएस खोरासान के धन जुटाने के स्रोत पर मार पड़ेगी। यह प्रतिबंध विशेष तौर पर हयातुल्ला गुलाम मोहम्मद (हाजी हयातुल्ला), अली मोहम्मद अबू तुरब, वेलफेयर एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन ऑफ जमात-उद-दावा फॉर कुरान एंड सुन्ना (डब्ल्यूडीओ) के लिए कथित तौर पर पैसा इकट्ठा करने वाले संगठन इनायत-उर रहमान पर लगाया गया है।
ट्रेजरी ऑफिस ऑफ फॉरेन असेट्स कंट्रोल (OFAC) के निदेशक जॉन स्मिथ ने कहा कि इन पाबंदियों को लगाने का उद्देश्य पाकिस्तान में मौजूद वित्तीय सहायता नेटवर्कों को खत्म करना है। इन्हीं नेटवर्कों ने तालिबान, अलकायदा, आईएसआईएस और लश्कर-ए-तैयबा को आत्मघाती हमलावरों की भर्ती और अन्य हिंसक गतिविधियां के लिए वित्तीय सहायता मुहैया कराई थी।

स्मिथ ने कहा कि अमेरिका धर्मार्थ और आतंकी गतिविधियों की सुविधा मुहैया करने वाले संगठनों सहित पाकिस्तान और उसके आसपास के क्षेत्रों में मौजूद आतंकवादियों को आक्रामक तरीके से निशाना बनाता रहेगा।
अमेरिका ने हाफिज मोहम्मद सईद के ऊपर एक करोड़ डॉलर करीब 65 करोड़ रूपये का इनाम घोषित कर रखा हैl इसके पूर्व दिसंबर, 2008 में सुरक्षा परिषद ने जमात-उद-दावा को आतंकी संगठन घोषित करते हुए उस पर प्रतिबंध लगाया। जून, 2014 में अमेरिका ने इसे आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किया। जनवरी, 2017 में सईद और उसके संगठनों के चार अन्य नेताओं को लाहौर में 90 दिनों तक नजरबंद करने का आदेश हुआl सईद व 37 अन्य को एग्जिट कंट्रोल सूची में शामिल कर उनके देश छोड़कर जाने पर रोक लगाई गयीl
नवंबर, 2008 में लश्कर ने मुंबई पर आतंकी हमला कर करीब 200 लोगों को मौत के घाट उतारा था। इस हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद है। अगस्त, 2009 में इंटरपोल ने हाफिज मुहम्मद सईद और जकी- उर रहमान लखवी के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी किया थाl

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