प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्र सरकार के तीन साल पूरे होने के मौके पर गुवाहाटी में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मेरे लिए देश का हर कोना दिल्ली है। 3 वर्ष पूर्व दिल्‍ली में राष्‍ट्रपति ने मुझे प्रधानमंत्री के कार्यभार की शपथ दिलवाई थी आज इस बात को तीन वर्ष हो गए। देशवासियों को आशीर्वाद देने के लिए मैं आभारी हूं।
आज सुबह देश के सबसे लंबे ब्रिज का लोकार्पण करने का मुझे सौभाग्‍य मिला, जिसे भूपेन हजारिका के नाम समर्पित किया गया है। कृषि के क्षेत्र में संस्थान और गुवाहाटी में एम्स का शिलान्यास किया है। एक ही दिन में करीब साढ़े 3 हजार करोड़ रुपया एक राज्‍य आना सरकार की सोच और विकास के लिए हमारे सपने को प्रतिबिंबित करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक वक्त था कि जब पुरे देश में कालेधन पर कोहराम मचा हुआ था, आज कालाधन नहीं जनधन गूंजता है और आनेवाले दिनों में डिजिधन की चर्चा होनेवाली है। कालेधन के खिलाफ कदम उठाने के लिए पहली कैबिनेट की मीटिंग में लिया गया पहला फैसला था। चोरी के पैसों से जो बड़े-बड़े बंगले बना चुके हैं, उनके 18 साल के बेटे बड़ी-बड़ी गाड़ियों में फर्राटा भर रहे हैं। अगर पैसे चोरी और बेईमानी के हैं तो मैं उसे निकाल के रहूंगा। मैंने संकल्प लिया है चाहे कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े मैं बेईमानों से पैसे निकाल कर गरीबों पर खर्च करूंगा।

उन्होंने कहा कि बेनामी संपत्ति पर 1988 में कानून बना था, 28 साल तक रूल्स नहीं बने। संसद के अंदर पास हुआ कानून फाइलों में दबकर रह जाता था। ईमानदारी से जीनेवाले लोगों का जीवन मुश्किल हो गया था। बेईमानों की तरक्की देखकर उसका भी मन विचलित होने लगा। लेकिन अब हिंदुस्तान में पहली बार ईमानदारों के लिए जीने का अवसर आया है। उसे लगता है कि अब शांति से जीने का अवसर आया है।
मोदी ने कहा कि नोटबंदी बड़ा कठोर निर्णय था, लोग कहते हैं कि इतने बड़े और कठोर निर्णय की कल्‍पना भी नहीं कर सकतेl कुछ नेताओं ने देश में आक्रोश पैदा करने के लिए क्‍या कुछ नहीं किया? परन्तु अगर सरकार का इरादा नेक न होता, तो इतने कड़े फैसले पर जिस तरह आग लगाने की कोशिश की गई थी, कितनी भी ताकतवर सरकार क्‍यों न होती, जनता के आक्रोश से भस्‍म हो जाती, पर जनता कंधे से कंधा मिलाकर हमारे साथ खड़ी रहीl
उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद तो सरकार ने कुछ कहा भी नहीं है, अभी तो चीजें तैयार ही हो रही हैं, 90 लाख लोग इनकम टैक्स से जुड़ गए। इसे मैं अपने आप में ईमानदारी के अवसर को ताकत देने वाली घटना के रूप में देख रहा हूं। सरकार चलाने में जनता सरकार से भी दो कदम आगे चले, ये आजादी के बाद पहली बार हिंदुस्तान ने देखा है। छोटे-छोटे लोगों के लिए बड़े से बड़ा काम करके रहूंगा ये मेरा संकल्प है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक वक्त था कि ठहराव नजर आता था, कुछ हो रहा है कि नहीं हो रहा है, हो रहा है तो क्या हो रहा है कुछ पता नहीं चलता था। अब हर दिन नई योजना, नए प्रयास देश अनुभव कर रहा है। मेरा विश्वास रहा है जनता-जनार्दन पर भरोसा करना। अंग्रेजों ने गुलाम बनाने और फिर बनाये रखने के लिए हर हिंदुस्तानी पर शक करते हुए शासन तंत्र विकसित किया। आजादी के बाद की सरकारें भी लगभग उसी ढर्रे पर चली।
मोदी ने कहा कि कार्यशैली बदलती है और इमानदारी की नीति पर चलने का फैसला होता है तो सबकुछ वही रहते हुए भी बदलाव शुरू हो जाता है। लोग कहते हैं कि मोदी थकते नहीं, जनता के लिए मन और तन समर्पित है। अब निराशा का भाव खत्म हो चुका है, लोगों के अंदर आशा जगी है कि कुछ न कुछ अच्छा होगा। देश ताकतवर होगा। इस तरह का विश्वास लोगों के मन में जगा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को हर तरह की मदद करने के लिए तत्पर है। किसान संपदा योजना से किसानों को लाभ होगा और देश की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना करने का लक्ष्य है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ओबीसी कमीशन की मांग लंबे अर्से से चल रही थी जिसे हमारी सरकार ने पूरा किया। ओबीसी क्रीमी लेयर का स्लैब 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये करने का फैसला किया गया। हमारी सरकार ने लोगों को खुद अपने दस्‍तावेज सत्‍यापित करने का अधिकार दियाl जनता पर भरोसा करना चाहिएl दिल्‍ली में एक ऐसी सरकार है, जिसका खुद ईमानदारी पर विश्‍वास हैl आज देश में दुनिया के अंदर जो आईटी क्रांति आई है, हमारा देश उसमें पीछे रहने वाला नहीं है, हमारे कदम गरीब से गरीब व्‍यक्ति को सशक्‍त करने वाले हैंl

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैंने लाल किले से स्‍वच्‍छता-शौचालय की बात की, कहा गया कि ये कैसा प्रधानमंत्री है जो लाल किले से शौचालय की बात कर रहा हैl मैं जिस जिंदगी को जीकर निकला हूं, उस कारण इन चीजों की जिंदगी में क्‍या अहमियत है, इसे महसूस करता हूंl मैंने कहा था कि छोटे-छोटे लोगों के लिए बड़े-बड़े काम करके रहूंगा, ये मेरा इरादा हैl मैं देशवासियों का आभारी हूं कि स्‍वच्‍छता अभियान को लोगों ने अपना कार्यक्रम बना लिया, मीडिया ने भी पूरा सहयोग कियाl
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक वक्‍त था जब हमारे देश में गैस सिलेंडर 9 या 12 देने को लेकर राजनेता उलझे हुए थेl आज भी एक वक्‍त है जब आपकी बनाई सरकार ने लोगों से गैस सब्सिडी छोड़ने को कहा और एक करोड़ से ज्‍यादा परिवारों ने गैस सिब्सिडी छोड़ दीl मैं उन सभी को नमन करता हूं, जिन्‍होंने गरीब के घर में चूल्‍हा जलाने में सरकार की मदद कीl
प्रधानमंत्री ने कहा कि वक्‍त बदल चुका हैl अब कुछ होने वाला नहीं, ऐसे ही चलेगा, का भाव खत्‍म हो चुका हैl लोगों के दिलों में देश के आगे बढ़ने का विश्‍वास पैदा हुआ हैl सरकारी दफ्तर में लोग समय पर आने लगे तो मीडिया में सुर्खियां बनी, पहले सरकारें ऐसे चलती थी कि संसद में पारित हुआ कानून भी दफ्तर में फाइल के अंदर बंद हो जाता थाl आज सवा सौ करोड़ देशवासी इस बात को अनुभव करते हैं कि देश में पहली बार ईमानदारी का अवसर आया हैl

ताज़ा अपडेट पाने के लिए हमारे पेज को लाइक करें

loading…

Loading…





Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *